18 फरवरी से शुरू होगी कथा लाखों श्रद्धालु रहेंगे उपस्थित-दिनेश

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बस्ती06फरवरी ।महर्षि वशिष्ठ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर विभिन्न आयोजन होंगे। 09 फरवरी को दोपहर 12 बजे कथा स्थल के भूमि पूजन अवसर पर अयोध्या धाम के महापौर तथा तीन कलश मंदिर के महंत पूज्य गिरिजेश पति त्रिपाठी मौजूद रहेंगे। 11 फरवरी को गुरु तीर्थ वशिष्ठ धाम से अयोध्या तक भव्य आमंत्रण रथ यात्रा निकलेगी। 18 से 26 फरवरी तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज द्वारा विश्व में पहली बार वशिष्ठ रामायण कथा सुनाई जाएगी। 


16 फरवरी से अयोध्या के आचार्य रघुनाथ दास शास्त्री , वृन्दावन के आचार्य नीरज पराशर एवं ज्योतिषाचार्य प्रभाकर मिश्र सहित 11 विद्वानों द्वारा विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा की अधिवास पूजा शुरू होगी। 20 फरवरी को वशिष्ठ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य आयोजन में बतौर अतिथि हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल जी मौजूद रहेंगे। प्रत्येक दिवस सायं 06 बजे से प्रसिद्ध गायक एवं गायिकाओं द्वारा राम और राष्ट्र पर भजन सुनाया जाएगा। सोमवार को उक्त जानकारी देते हुए जगतगुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के दीक्षित शिष्य और कार्यक्रम  संयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह ने एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दिया है। उन्होंने बताया कि कथा के मुख्य यजमान और देश के दिग्गज उद्योगपति श्रीमान चंद्र भूषण मिश्र द्वारा महर्षि वशिष्ठ जी, माता अरुंधति जी और भगवान श्री राम सहित चारों भाइयों का विग्रह जयपुर से बनवाकर 10 फरवरी तक वशिष्ठ आश्रम मंगवा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समारोह बस्ती जनपद के गौरवशाली इतिहास के पुनर्प्रतिष्ठा का महापर्व है। त्रेता युग में जिले के मखौड़ा धाम में पुत्रेष्टि यज्ञ के उपरान्त भगवान श्री राम का अवतरण हुआ। महर्षि वशिष्ठ आश्रम के गुरुकुल में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम सहित चारों भाइयों ने 12 वर्षों तक शिक्षा दीक्षा प्राप्त किया। राम जानकी मार्ग, हनुमान बाग चकोही ,जीवन दायिनी राम रेखा नदी इसी जिले में है। योगिराज देवरहा बाबा और आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की जन्मस्थली,बुद्ध, कबीर की तपोभूमि, अमर बलिदानी राजा उदय प्रताप नारायण सिंह, राजा जालिम सिंह, रानी तलाशि कुंवरि , शिव गुलाम सिंह जैसे वीर योद्धाओं की स्थली होने के बावजूद सुदूर यात्राओं में आज भी बस्ती की पहचान अयोध्या और गोरखपुर के बीच में बतानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि समरोह को अलौकिक बनाने के लिए वशिष्ठ रामायण कथा आयोजन समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल बढ़नी मिश्र सहित समूचे जनपद में उत्साह का माहौल है। उन्होंने वशिष्ठ नगर वासियों से अपील किया कि इस दिव्य और भव्य महोत्सव में सम्मिलित होकर महर्षि वशिष्ठ और प्रभु श्रीराम के प्रति आदर तथा सम्मान प्रदर्शित कर अपनी माटी के गौरव की सुगन्ध पूरी दुनिया में फैलाएं। इस अवसर पर ॐ नमो राघवाय दामोदर मिश्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष शतीश मिश्र, कार्यक्रम संरक्षक रत्नेश मिश्र, डॉ विजय मिश्र, आदेश मिश्र, शनिश्वेर मन्दिर के महंत सरोज मिश्र, प्रधान प्रतिनिधि राकेश मिश्र, अवधेश मिश्र, हरिप्रकाश मिश्र, उपेंद्र मिश्र, मयंक श्रीवास्तव, शिव प्रकाश मिश्र, संतोष मिश्र,मनोज मिश्र, त्र्यंबक त्रिपाठी, जयदीप मिश्र, शिवम् मिश्र, सुनील चौधरी, आदित्य मिश्र, उर्मी धर मिश्र, मुकुल मिश्र, राजेश त्रिपाठी, धनुषधारी चतुर्वेदी सहित आयोजन समिति के दर्जनों लोग मौजूद रहे।

                     

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